क्या आप जानती हैं पुरुषों से ज्यादा महिलाएं हो रही ह्रदय रोग का शिकार-वर्ल्ड हार्ट डे स्पेशल

Heart disease in women is growing fast

पुरुषों से ज्यादा महिलाएं हो रही ह्रदय रोग का शिकार

वे कई बार ये जान नहीं पाती की उन्हें हार्ट अटैक आया है

 

Heart disease in women is growing fast

परिवार की महिला जिन पर अपने परिवार के हर व्यक्ति की देखभाल का जिम्मा होता है, वे खुद अपनी देखभाल में हमेशा पीछे ही रहती हैं।  लेकिन ये लापरवाही अब उनकी जान पर भी बन सकती है।  क्या आपको पता है की हार्ट अटैक के मामले पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में ज्यादा देखे जाते हैं।  आप को जानकर हैरानी होगी की भारत में 50 प्रतिशत महिलाओं का कोलेस्ट्रॉल का स्तर कभी भी संतुलन में नहीं रहता। यह बात एस आर एल  के डायग्नोस्टिक सर्वे में सामने आयी है। 46 से 60 उम्र वर्ग की महिलाओं के लिपिड प्रोफाइल में सबसे ज्यादा असंतुलन पाया जा रहा है जिससे वे हार्ट अटैक के सीधे निशाने पर हैं। गौरतलब है की लिपिड प्रोफाइल आपके रक्त में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बताता है। विश्व स्वास्थ संगठन की माने तो भारत में हार्ट अटैक महिलाओं की मौत का तीसरा प्रमुख कारण है। 

हर उम्र में रखें ख्याल –

20 से 25 – इस उम्र वर्ग की युवतियों को एक बार कोलेस्ट्रॉल स्तर, ब्लड प्रेशर चेक करवाना चाहिए. जिससे सही उम्र में आपको अपनी सेहत के बारे में जानकारी मिल सके।

30 से 35 – अगर आप कामकाजी महिला हैं तो आपको अपने ह्रदय को ज्यादा संभाल कर रखना होगा। आपको सप्ताह में कम से कम 3 बार एक्सरसाइज करनी चाहिए। साथ ही आपको नजर रखनी चाहिए की आप दिन में कितनी कैलोरीज का सेवन कर रही है।

40 से 45 – इस उम्र में महिलाएं अक्सर प्री – मीनोपॉज की अवस्था से गुजर रही होती हैं। तो ऐसे में उनके शरीर में एस्ट्रोजन हॉर्मोन कम होने लगता है, जो की ह्रदय के लिए सिक्योरिटी गार्ड का काम करता है। तो इस उम्र में ह्रदय सम्बन्धी बिमारियों की गिरफ्त में आने की संभावना काफी हद है।

हार्ट अटैक आने पर महिलाओं को पता नहीं चलता –

पको जानकर आश्चर्य होगा की जब पुरुषों में हार्ट अटैक होता है तो उनके सीने में तेज़ दर्द होता है।  लेकिन महिलाओं में अकसर ऐसे कोई लक्षण देखे नहीं जाते।  कई बार महिलाओं में माइल्ड अटैक आकर चला भी जाता है और उन्हें पता भी नहीं चलता।  जिस कारन उनका समय पर इलाज नहीं हो पता और इस बात का पता तब चलता है जब स्थितियां हाथ से निकल जाती हैं।

ऐसे पहचानें-

– सीने के बीचो बीच एक अजीब दबाव महसूस होना। जो कुछ मिनटों तक रहता है और बार बार आता जाता रहता है।

Woman with chest pain (Image Source)

– दोनों हाथ की बाजुओं में दर्द और असहज महसूस होना। साथ ही गर्दन और जबड़ों में भी दर्द होना।

Woman with pain in both the hands

– सीने में दर्द के साथ या कभी कभी बिना दर्द के सांसों का छोटा होना।

Woman with shortness of breath (Image Source)

– पसीना आना और अजीब सी थकावट महसूस करना।

Woman feeling dizzy (Image Source)

ऐसे रखें ख्याल –

आपने दिल का ख्याल रखने के लिए आपको हर रोज़ कोई न कोई फिजिकल एक्टिविटी जरुर करनी चाहिए।  आप चाहें तो हर दिन ब्रिस्क  वॉक कर सकती है।

Woman taking brisk walk

डिपार्टमेंट ऑफ़ हेल्थ एंड ह्यूमन सर्विस की माने तो हर सप्ताह करीब 150 मिनट की ऐरोबिक एक्टिविटी होना ह्रदय के लिए अच्छा है।

Women doing aerobics

साथ ही आपको अपने खानपान पर पूरा धयान देने की जरुरत है।  ऐसा खाना ना खाएं जिससे ज्यादा मात्रा में कैलोरीज आपके बॉडी में जाती हो। खाने में वसा युक्त भोजन का सेवन कम करें। शाम को नाश्ते में बिस्किट या कूकीज के बजाय  जितना हो सके फ्रूट और सलाद से पेट भरें।

Woman carrying healthy food

समय समय पर ह्रदय सम्बन्धी जांचें करवाते रहे।

Regular Health Checkup

स्वस्थ जीवन शैली अपना कर ही इस रोग से दूर रहा जा सकता है।

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